मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के मुरादपुर निवासी युवा इंजीनियर मोहम्मद नाज़ उजैर ने मक्के के छिलके (कॉर्न हस्क) से पर्यावरण अनुकूल कप, प्लेट, कटोरी, ग्लास, चम्मच, रैपर और अन्य डिस्पोजेबल उत्पाद तैयार कर एक नई मिसाल पेश की है। जिन मक्के के छिलकों को किसान पहले बेकार समझकर फेंक देते थे, आज वही उनके लिए आय का नया स्रोत बन रहे हैं।
मैकेनिकल इंजीनियर और एम.टेक. डिग्रीधारी नाज़ उजैर ने प्लास्टिक से पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य को होने वाले नुकसान को देखते हुए करीब दस वर्ष पहले इस दिशा में शोध शुरू किया। शुरुआती पांच वर्षों तक उन्होंने बांस, केला और अन्य प्राकृतिक संसाधनों पर प्रयोग किए, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिली। इसके बाद अगले पांच वर्षों तक उन्होंने केवल मक्के के छिलके पर लगातार शोध किया और अंततः ऐसी तकनीक विकसित की, जिससे पूरी तरह बायोडिग्रेडेबल उत्पाद तैयार किए जा सके।
नाज़ बताते हैं कि इस नवाचार की प्रेरणा उन्हें अपने भांजे की कैंसर से हुई मृत्यु के बाद मिली। इस घटना ने उन्हें प्लास्टिक के विकल्प पर काम करने के लिए प्रेरित किया। कई वर्षों तक आर्थिक कठिनाइयों और संसाधनों की कमी के बावजूद उन्होंने अपना शोध जारी रखा।
उन्होंने वर्ष 2019 में अपनी तकनीक के लिए पेटेंट आवेदन किया, जिसे फरवरी 2024 में स्वीकृति मिल गई। इसके बाद उनके नवाचार को बिहार स्टार्टअप इकोसिस्टम सहित कई संस्थानों ने सराहा। उनका स्टार्टअप एमएनओ स्वदेशी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कृषि अवशेषों से पर्यावरण अनुकूल उत्पाद बनाने के क्षेत्र में कार्य कर रहा है।
वर्तमान में उनकी इकाई में किसानों से एक से दो रुपये प्रति किलोग्राम की दर से मक्के का छिलका खरीदा जाता है। इससे प्रतिदिन एक हजार से अधिक कप, प्लेट और अन्य उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इस पहल से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने के साथ-साथ किसानों को भी अतिरिक्त आय का साधन मिला है।
नाज़ उजैर के उत्पादों की गुणवत्ता को देखते हुए भारतीय रेलवे से करीब 30 लाख रुपये का ऑर्डर भी प्राप्त हुआ है। अब उनके उत्पाद रेलवे समेत कई सरकारी एवं निजी संस्थानों तक पहुंच रहे हैं।
नाज़ का कहना है कि उनका लक्ष्य आने वाले वर्षों में प्लास्टिक से बनने वाले 100 से अधिक उत्पादों का पर्यावरण अनुकूल विकल्प तैयार करना है, ताकि प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने के साथ-साथ कृषि अपशिष्ट का बेहतर उपयोग और किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित की जा सके।




