पटना: बिहार की राजनीति से जुड़ा एक महत्वपूर्ण अध्याय उस समय समाप्त होता नजर आया, जब पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास 10 सर्कुलर रोड से उनके नाम की नेमप्लेट हटा दी गई। भवन निर्माण विभाग के कर्मियों ने छेनी और हथौड़ी की सहायता से नेमप्लेट हटाने की प्रक्रिया पूरी की।
राबड़ी देवी और उनका परिवार दो दिन पहले ही इस सरकारी आवास को खाली कर चुका था। इसके बाद भवन निर्माण विभाग ने आवास का औपचारिक हैंडओवर लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी। अधिकारियों द्वारा भवन का निरीक्षण किया जा रहा है, जिसके बाद इसे सरकार के नियमानुसार आगे आवंटित किया जाएगा।
10 सर्कुलर रोड का यह सरकारी आवास करीब दो दशकों तक राबड़ी देवी और लालू प्रसाद यादव के परिवार का आधिकारिक निवास रहा। इस दौरान बिहार की राजनीति के कई महत्वपूर्ण फैसलों और बैठकों का यह आवास केंद्र रहा है।
नेमप्लेट हटाए जाने की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी इसको लेकर चर्चा तेज हो गई है। एक पक्ष इसे सरकारी प्रक्रिया का हिस्सा बता रहा है, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिक संदेश के रूप में देख रहा है।
हालांकि, भवन निर्माण विभाग का कहना है कि सरकारी आवास खाली होने के बाद हैंडओवर और नए आवंटन की प्रक्रिया नियमों के अनुसार की जा रही है। फिलहाल विभाग आगे की औपचारिकताएं पूरी करने में जुटा हुआ है।

