रांची, 3 जुलाई। झारखंड की राजधानी रांची स्थित एक निजी अस्पताल में मरीज की मौत के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही और अत्यधिक बिल वसूले जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक हंगामा होता रहा। वहीं, अस्पताल प्रबंधन की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है और मामले की जांच की प्रक्रिया जारी है।
परिजनों का आरोप है कि मरीज को पैर में फ्रैक्चर होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनका कहना है कि भर्ती के बाद शुरुआती दो से तीन दिनों तक उचित ड्रेसिंग और इलाज नहीं किया गया, जिससे संक्रमण बढ़ता गया। आरोप है कि मरीज की हालत बिगड़ने पर उसे आईसीयू में भर्ती किया गया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी।

मृतक के परिजनों का यह भी दावा है कि इलाज के दौरान अस्पताल ने लाखों रुपये का बिल बनाया। सोशल मीडिया पर ₹22 लाख का बिल बताए जाने का दावा किया जा रहा है, हालांकि विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में बिल की राशि को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। इसलिए बिल की वास्तविक राशि की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
घटना के बाद बड़ी संख्या में परिजन और स्थानीय लोग अस्पताल पहुंच गए और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि मरीज की मौत चिकित्सा लापरवाही के कारण हुई या किसी अन्य चिकित्सकीय जटिलता के चलते। इस संबंध में किसी जांच एजेंसी या स्वास्थ्य विभाग की अंतिम रिपोर्ट अभी सामने नहीं आई है। ऐसे में परिजनों के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
अस्पताल प्रबंधन या जांच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मरीज की मौत किन परिस्थितियों में हुई और लगाए गए आरोप कितने सही हैं।


