सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक शख्स प्लास्टिक के बर्तन में पानी लिए बैठा दिखाई देता है। उसके हाथ में एक कैमिकल की बोतल होती है। वीडियो में जैसे ही वह कथित कैमिकल को पानी में मिलाता है, पानी का रंग बदलकर दूध जैसा सफेद दिखाई देने लगता है।
वीडियो बना रहा दूसरा व्यक्ति यह कहते हुए सुनाई देता है, “देखिए हमारे इधर ऐसे दूध बनता है, आप लोग जो दूध पीते हैं, यही मशीन में डाला जाता है।”
हालांकि, इस वीडियो में किए गए दावे की अब तक किसी सक्षम सरकारी एजेंसी या संबंधित विभाग द्वारा पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में यह कहना सही नहीं होगा कि वीडियो में दिखाई गई प्रक्रिया वास्तव में दूध बनाने की है।
यदि वीडियो में किया गया दावा सही साबित होता है, तो यह सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा बेहद गंभीर मामला हो सकता है और संबंधित विभागों को इसकी तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं, यदि वीडियो भ्रामक या फर्जी पाया जाता है, तो लोगों में भ्रम फैलाने और अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
फिलहाल, इस वायरल वीडियो की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लोगों से अपील है कि बिना पुष्टि किसी भी वीडियो या दावे पर विश्वास न करें और भ्रामक जानकारी साझा करने से बचें।







