मुजफ्फरपुर: शेरपुर पंचायत निवासी 28 वर्षीय प्रसूता सोनी कुमारी की प्रसव के बाद हुई मौत के मामले में परिजनों एवं ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन कर निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने मां सुभद्रा स्मृति नर्सिंग होम, पीएनटी कॉलोनी में इलाज के दौरान कथित लापरवाही की जांच कराने और जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान स्थानीय सरपंच नंदन कुमार झा एवं ग्रामीणों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मामले की समयबद्ध जांच कराने की अपील की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलने तक मामले को मजबूती से उठाया जाएगा।
इलाज की प्रक्रिया और चिकित्सकीय योग्यता की जांच की मांग
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सोनी कुमारी के इलाज से जुड़े डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की डिग्री, पंजीकरण और चिकित्सकीय योग्यता की जांच कराई जाए। साथ ही नर्सिंग होम में इलाज के दौरान अपनाई गई चिकित्सकीय प्रक्रिया, मेडिकल रिकॉर्ड एवं अन्य उपलब्ध दस्तावेजों की भी जांच कराने की मांग रखी गई।
उन्होंने कहा कि जांच में यदि किसी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही अथवा नियमों का उल्लंघन प्रमाणित होता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
नर्सिंग होम पर प्रशासनिक कार्रवाई का स्वागत
सरपंच नंदन कुमार झा ने बताया कि मां सुभद्रा स्मृति नर्सिंग होम पर प्रशासन द्वारा ताला लगाए जाने की कार्रवाई के बाद उन्होंने शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है। उनके अनुसार, डॉक्टरों की टीम ने अस्पताल का निरीक्षण एवं वीडियो रिकॉर्डिंग की, जिसमें अस्पताल की व्यवस्थाओं और मरीजों की सुरक्षा से जुड़ी कुछ कमियां एवं अनियमितताएं सामने आने की बात कही गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि ऑपरेशन जैसी चिकित्सकीय प्रक्रिया के लिए आवश्यक उपकरण और तकनीकी सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर भी निरीक्षण के दौरान सवाल उठे हैं। हालांकि इन बिंदुओं की वास्तविक स्थिति जांच के आधिकारिक निष्कर्ष के बाद ही स्पष्ट होगी।
अवैध स्वास्थ्य संस्थानों की जांच की मांग
सरपंच एवं ग्रामीणों ने मुजफ्फरपुर शहर में संचालित ऐसे अस्पतालों और नर्सिंग होम की जांच कराने की मांग की, जिनके संचालन को लेकर अनुमति या मानकों पर सवाल हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग एवं सिविल सर्जन कार्यालय से निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम की नियमित जांच सुनिश्चित करने की अपील की, ताकि मरीजों की सुरक्षा से समझौता न हो।
प्रदर्शनकारियों ने पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक एवं सरकारी सहायता उपलब्ध कराने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए नियमों के अनुसार कार्रवाई की मांग भी रखी।
सरपंच नंदन कुमार झा ने कहा कि उनका उद्देश्य शांतिपूर्ण तरीके से न्याय की मांग करना है। उन्होंने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच और जांच के निष्कर्ष के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई की अपील की।
नंदन कुमार झा
सरपंच, शेरपुर पंचायत
“मां, बहन और बेटियों की सुरक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है।”










