मुजफ्फरपुर: शहर के अखराघाट पुल से रविवार को एक महिला ने उफनती नदी में छलांग लगा दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महिला नदी की तेज धारा में काफी देर तक संघर्ष करती हुई आश्रम घाट की ओर पहुंची, जहां स्थानीय ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे नदी से बाहर निकाला। हालांकि तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इस घटना से दोनों परिवारों में शोक की लहर दौड़ गई।
मृतका की पहचान आंशु के रूप में हुई है। वह हथौड़ी थाना क्षेत्र के आसमा गांव की रहने वाली थी, जबकि उसकी ससुराल बेरई गांव में थी। परिजनों के अनुसार उसकी शादी करीब दो वर्ष पूर्व परिवार की सहमति से हुई थी। बताया गया कि पिछले एक महीने से वह अपने मायके में रह रही थी और पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था।
मृतका के मौसा चुल्हाई राम ने बताया कि घटना से पहले आंशु ने अपने पिता जयनंदन राम को सुबह करीब 9 बजे फोन कर कहा था कि वह नदी में डूबने जा रही है। उसने यह भी कहा, “अब आपको एक ही बेटी रहेगी।” सूचना मिलने के बाद परिजन घटनास्थल की ओर दौड़े, लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी।
घटना के बाद परिजनों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि अखराघाट पुल पर हाई अलर्ट रहने के बावजूद वहां कोई सुरक्षा गार्ड या बचाव व्यवस्था मौजूद नहीं थी। परिजनों का आरोप है कि यदि समय पर सुरक्षा और राहत व्यवस्था होती तो उनकी बेटी की जान बच सकती थी।
सूचना मिलते ही सिकंदरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेज दिया। पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।










